केशव गोरे स्मारक ट्रस्टच्या वतीने आयोजित एक्युप्रेशर प्रशिक्षण वर्गाचा समारोप व प्रमाणपत्र वितरण, उत्साहात संपन्न ...
केशव गोरे स्मारक ट्रस्ट, गोरेगाव यांच्या वतीने आयोजित करण्यात आलेल्या एक्युप्रेशर प्रशिक्षण वर्गाचा समारोप नुकताच संपन्न झाला.
प्रथम केशव गोरे ट्रस्ट मध्ये एक्युप्रेशर थेरपी चा शुभारंभ करणारे कै. सच्चीदानंद कर्णिक सर यांना अभिवादन करून कार्यक्रमास सुरवात करण्यात आली
केशव गोरे ट्रस्ट चे एक्युप्रेशर सेन्टर 1995 साली कै.सच्चीदानंद कर्णिक, कै.देवदास कामत, कै. डॉ. कुसुम शेट्टी, लक्ष्मी आर.शेट्टी, माधुरी चौबले यांनी सुरु केले.
कर्णिक सरांच्या निधना नंतर ही धुरा सरिता नाईक या मागील जवळपास 10 वर्षांपासून याचं सेन्टर मधून प्रशिक्षण घेऊन तयार होणाऱ्या थेरपीस्ट ना सोबत घेऊन आज पर्यंत हे केंद्र सांभाळत आहेत. कर्णिक सरांनी सुरु केलेले हे थेरपी सेन्टर मागील 31 वर्षे अव्ह्यातपणे सुरु आहे.
या प्रशिक्षण शिबीरात सहभागी प्रशिक्षणार्थींना एक्युप्रेशर उपचारपद्धतीचे प्रशिक्षण देण्यात आले. यावेळी शरीरशास्त्र, शरीरातील विविध दाबबिंदूंचे महत्त्व, त्यांचा योग्य वापर आणि आरोग्याच्या दृष्टीने या पद्धतीची उपयुक्तता याविषयी मार्गदर्शन करण्यात आले.
प्रशिक्षणादरम्यान सहभागी प्रशिक्षणार्थींना सैद्धांतिक माहितीबरोबरच प्रात्यक्षिकांच्या माध्यमातून एक्युप्रेशर तंत्र समजावून सांगण्यात आले. या प्रशिक्षणामुळे प्रशिक्षणार्थींना एक्युप्रेशरविषयी अधिक माहिती मिळण्यास आणि या पद्धतीचा शास्त्रशुद्ध अभ्यास करण्यास मदत झाली.
या सांगता समारंभाचे प्रास्ताविक प्राची देसाई यांनी केले तर प्रशिक्षणाची धुराही जवळपास एक हाती सांभाळली, प्राची देसाई या मागील जवळपास 14 वर्षां पासून अव्याहतपणे नवीन थेरपीस्ट ना प्रशिक्षण देण्याचं महत्वपूर्ण काम करीत आहेत. सदर ट्रस्ट ला आपली सेवा ही 14 वर्षांपासून देत आहेत.
त्यांचे सोबत सरिता नाइक, गुलाबराव शिंदे, संदीप परुळकर, दिलीप परुळेकर, रमा पोखरकर, कृपा आदींनी या शिबिरात प्रशिक्षण दिले. एक्युप्रेशर विभागातील जेष्ठ व प्रमुख मार्गदर्शक ज्ञानेश्वर सोमेश्वर आज ही वयाच्या 85 व्या वर्षी रुग्णांना एक्युप्रेशर थेरपी देत आहेत, ते स्वतः व गोखले सर हे ही अनुभवी व नवोदित नवोदित थेरपीस्ट ना मार्गदर्शन करीत असतात..
या वेळी केशवराव गोरे ट्रस्ट चे ट्रस्टी प्रमोद निगुडकर यांनीआपले मनोगत व्यक्त करताना सदर प्रशिक्षण वर्गाचे कौतुक करीत, गरजू पेशंट साठी नियमित एक्युप्रशेर उपचार सेन्टर सुरु करण्याचा आपला माणसं व्यक्त केला, भविष्यात ट्रस्ट च्या वतीने वेगवेगळे उपक्रम राबवणार असल्याच स्पष्ट केले. तसेच प्रशिक्षण पूर्ण करणाऱ्या प्रशिक्षणार्थी यांना शुभेच्छा दिल्या व सर्वच प्रशिक्षकांचे ही कौतुक केले. यावेळी थेरपीस्ट केशव वाकचौरे यांनी उपस्थित सर्वाना मार्गदर्शन केले..
प्रशिक्षण वर्गाच्या सांगता समारंभात या वेळी 2025 च्या बॅच च्या प्रशिक्षण घेऊन वर्षभर प्रॅक्टिस पूर्ण केलेल्या प्रशिक्षणार्थींना प्रमाणपत्रांचे वितरण ट्रस्ट चे ट्रस्टी प्रमोद निगुडकर यांचे हस्तेकरण्यात आले.
यावेळी केशवराव गोरे ट्रस्ट चे ट्रस्टी प्रमोद निगुडकर, एक्यूप्रेशर प्रशिक्षक सरिता नाइक, प्राची देसाई, गुलाबराव शिंदे, दिलीप परुळेकर, रमा पोखरकर, वनिता पालन, प्रवीण दळी, हर्ष शाह, कृपा, केशव वाकचौरे, स्मिता सामंत, सुनीता नलावडे रेकी तज्ज्ञ बाबाजी सावंत आदी उपस्थित होते.
यावेळी संजय डुबल यांनी प्रशिक्षण घेऊन वर्षभर केलेल्या प्रॅक्टिस चा अनुभव शेअर केला, तर मनोहर राजगुरू, या प्रशिक्षणार्थींनी प्रशिक्षणादरम्यान मिळालेल्या ज्ञानाचे आणि अनुभवांचे महत्त्व अधोरेखित केले.
सर्वच प्रशिक्षनार्थनी आत्मसात केलेल्या ज्ञाणाचा उपयोग समाजात आरोग्यविषयक जनजागृती करण्यासाठी करण्याचा निर्धार व्यक्त केला.
या वेळी संजय डुबल, रंगलाल जैन, हर्षदा कांबळे, आशा पाताडे, अभिजित सडविलकर, संजय जोशी, मीना गावडे, डॉ.ज्योती प्रकाश हिवराळे, आरती गायकवाड, मनोहर राजगुरू, सुजाता शेट्टी, मेहबुबा(मेॅडम), हणमंत बुरुंगले, जितेंद्र शाह, नहीद बाझमी, सुभाष घोडके, प्रमोद सिंग संजना राणे, ज्योति, महेंद्र, खरपुडे आदी उपस्थित होते..
कार्यक्रमाचे सूत्रसंचालन डॉ.ज्योती प्रकाश हिवराळे यांनी आपल्या खास खुमासदार शैलीत करून उपस्थितांची मने जिंकली, तर आभार प्रदर्शन सुभाष घोडके यांनी मानले..
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केशव गोरे स्मारक ट्रस्ट की ओर से आयोजित एक्यूप्रेशर प्रशिक्षण वर्ग का समापन एवं प्रमाणपत्र वितरण समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न...
मुंबई : आपला महाराष्ट्र न्यूज Live (संजय डुबल) गोरेगांव स्थित केशव गोरे स्मारक ट्रस्ट की ओर से आयोजित एक्यूप्रेशर प्रशिक्षण वर्ग का समापन समारोह हाल ही में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ केशव गोरे ट्रस्ट में एक्यूप्रेशर थेरेपी की शुरुआत करने वाले स्वर्गीय सच्चिदानंद कर्णिक सर को श्रद्धांजलि अर्पित करके किया गया।
केशव गोरे ट्रस्ट का एक्यूप्रेशर केंद्र वर्ष 1995 में स्वर्गीय सच्चिदानंद कर्णिक, स्वर्गीय देवदास कामत, स्वर्गीय डॉ. कुसुम शेट्टी, लक्ष्मी आर. शेट्टी और माधुरी चौबले के प्रयासों से शुरू किया गया था। कर्णिक सर के देहांत के बाद सरिता नाईक यह सेन्टर, पिछले 10 साल से, यही से सिखाये गये सभी थेरपीस्ट को साथ लेकर चालते है ! कर्णिक सर ने शुरु किया यह सेंटर पिछले 31 वर्षों से निरंतर संचालित हो रहा है।
इस प्रशिक्षण शिविर में शामिल प्रशिक्षणार्थियों को एक्यूप्रेशर उपचार पद्धति का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान शरीर विज्ञान, शरीर के विभिन्न दबाव बिंदुओं का महत्व, उनका सही उपयोग तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस पद्धति की उपयोगिता के बारे में मार्गदर्शन किया गया।
प्रशिक्षणार्थियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ प्रायोगिक अभ्यास के माध्यम से एक्यूप्रेशर तकनीकों को समझाया गया। इस प्रशिक्षण से उन्हें एक्यूप्रेशर पद्धति की बेहतर जानकारी प्राप्त करने और इसका व्यवस्थित अध्ययन करने में मदद मिली।
समापन समारोह का प्रास्ताविक प्राची देसाई ने किया। उन्होंने प्रशिक्षण वर्ग के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्राची देसाई पिछले लगभग 14 वर्षों से निरंतर नए थेरेपिस्ट को प्रशिक्षण देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। साथ ही, वे पिछले 14 वर्षों से इस ट्रस्ट को अपनी बहुमूल्य सेवाएँ भी प्रदान कर रही हैं।
इस शिविर में सरिता नाइक, गुलाबराव शिंदे, संदीप परुळकर, दिलीप परुळेकर, रमा पोखरकर, कृपा सहित अन्य प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन दिया।
एक्यूप्रेशर विभाग के वरिष्ठ एवं प्रमुख मार्गदर्शक ज्ञानेश्वर सोमेश्वर आज 85 वर्ष की आयु में भी मरीजों को एक्यूप्रेशर थेरेपी प्रदान कर रहे हैं। वे स्वयं तथा गोखले सर अनुभवी और नए थेरेपिस्ट को मार्गदर्शन देते रहते हैं।
इस अवसर पर केशव गोरे ट्रस्ट के ट्रस्टी प्रमोद निगुडकर ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने प्रशिक्षण वर्ग की सराहना करते हुए जरूरतमंद मरीजों के लिए नियमित एक्यूप्रेशर उपचार केंद्र शुरू करने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ट्रस्ट की ओर से विभिन्न सामाजिक एवं जनहितकारी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। साथ ही, प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं दीं और प्रशिक्षकों के योगदान की सराहना की।
इस दौरान थेरेपिस्ट केशव वाकचौरे ने भी उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन किया।
समारोह के दौरान वर्ष 2025 के बैच के उन प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए, जिन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद एक वर्ष तक नियमित अभ्यास पूरा किया था। ट्रस्ट के ट्रस्टी प्रमोद निगुडकर के हाथों प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में ट्रस्ट के ट्रस्टी प्रमोद निगुडकर, एक्यूप्रेशर प्रशिक्षक सरिता नाइक, प्राची देसाई, गुलाबराव शिंदे, दिलीप परुळेकर, रमा पोखरकर, वनिता पालन, प्रवीण दळी, हर्ष शाह, कृपा, केशव वाकचौरे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थी संजय डुबल ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद एक वर्ष तक किए गए अभ्यास के अपने अनुभव साझा किए। वहीं, मनोहर राजगुरु ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और अनुभवों के महत्व पर प्रकाश डाला।
सभी प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान का उपयोग समाज में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने के लिए करने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर संजय डुबल, रंगलाल जैन, हर्षदा कांबळे, आशा पाताडे, संजय जोशी, मीना गावडे, डॉ. ज्योति प्रकाश हिवराळे, आरती गायकवाड, मनोहर राजगुरु, सुजाता शेट्टी, मेहबुबा मैडम, हणमंत बुरुंगले, जितेंद्र शाह, नहीद बाजमी, सुभाष घोडके, प्रमोद सिंह, संजना राणे, ज्योति, महेंद्र खरपुडे सहित अन्य प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज्योति प्रकाश हिवराळे ने अपनी विशेष एवं रोचक शैली में किया। अंत में सुभाष घोडके ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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